बारूदी सुरंगों का खतरा आज भी बरकरार, जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
डीएस सेवन न्यूज उदयपुर | 4 अप्रैल 2026
अंतर्राष्ट्रीय International Day for Mine Awareness and Assistance in Mine Action के अवसर पर उदयपुर में जनमत मंच के तत्वाधान में एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया।
रिपोर्ट – शिरीष नाथ माथुर
कार्यक्रम में बारूदी सुरंगों से जुड़े खतरों, उनके प्रभाव और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनमत मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास महावर ने बताया कि यह दिवस हर वर्ष 4 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसकी घोषणा United Nations General Assembly द्वारा 8 दिसंबर 2005 को की गई थी।
मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने भी इस अवसर पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि इस दिवस का उद्देश्य बारूदी सुरंगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके उन्मूलन के प्रयासों को गति देना है। उन्होंने बताया कि औसतन हर घंटे एक व्यक्ति बारूदी सुरंग या विस्फोटक उपकरण का शिकार होता है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि United Nations Mine Action Service के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद आज भी दुनिया के करीब 60 देशों में बारूदी सुरंगें मौजूद हैं, जो मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं।
सहायक आचार्य हेमंत कुमार डामोर एवं धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने “सेफ ग्राउंड” अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी, वहीं सहायक आचार्य आजाद मीणा ने बताया कि Afghanistan, Iraq, Yemen, Syria, Cambodia और Colombia सहित कई देश इस समस्या से जूझ रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने बारूदी सुरंगों के पूर्ण उन्मूलन और सुरक्षित विश्व निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया
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