डबल इंजन सरकार के विकास की तेज बातें, लेकिन नेवरिया–जवासिया सड़क पर कीचड़ ही कीचड़
बजट स्वीकृति के बाद वर्ष 2023 में नेवरिया से जवासिया सड़क निर्माण का कार्यादेश जारी कर दिया गया था, लेकिन दो साल बाद भी हालात जस के तस हैं। सड़क पर आज भी कीचड़, फिसलन और गड्ढों का वही पुराना मंजर दिखाई दे रहा है। विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की सुस्त गति का सबसे बड़ा खामियाजा ग्रामीणों और राहगीरों को उठाना पड़ रहा है।
चित्तौड़गढ़। नेवरिया से जवासिया सड़क निर्माण के लिए डीएमएफटी फंड से करीब 70 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार पर जिम्मेदारी थी कि वे समय पर सड़क निर्माण कार्य पूरा करें, लेकिन 13 अक्टूबर 2023 को कार्य प्रारंभ की तारीख जारी होने के बावजूद दो साल बाद भी जमीन पर कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है। आज भी सड़क पर कीचड़ जमा है और फिसलन के कारण वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन सवारों को अक्सर फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। भीलवाड़ा जिले की तरफ सड़क पक्की है, लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले की सीमा में आते ही कच्ची और खराब सड़क का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
समय और दूरी की बचत का सपना अब भी अधूरा
यदि यह सड़क बन जाए तो नेवरिया, जवासिया और आसपास के गांवों तक सीधी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। इससे वाहन चालकों के समय और दूरी दोनों की बचत होगी तथा आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा। लेकिन निर्माण में हो रही देरी ने ग्रामीणों की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। फिलहाल उन्हें लंबा रास्ता तय करने के साथ-साथ खराब सड़क की मार भी झेलनी पड़ रही है।
डीएमएफटी फंड से स्वीकृति, फिर भी दो साल से काम बंद
सड़क स्वीकृति के बाद यह माना गया था कि जल्द ही कार्य आरंभ होगा, लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण दो साल में भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया। अब यदि कार्य प्रारंभ किया जाता है तो बढ़ती लागत के कारण सरकार को बजट में इजाफा करना पड़ेगा। इस तरह विभाग और ठेकेदार की लापरवाही का नुकसान जनता के साथ-साथ सरकार को भी झेलना पड़ेगा।
मौके पर बोर्ड लगा, पर सड़क का काम गायब
मौके पर लगे बोर्ड में स्पष्ट लिखा है कि ठेकेदार ‘श्री सांवरिया इंटरप्राइजेज कांटी गंगरार’ को 13 अक्टूबर 2023 को कार्य प्रारंभ करना था। लेकिन दो साल बाद भी सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। कीचड़ भरे रास्ते से साफ जाहिर है कि जिम्मेदारों ने फाइलों में तारीखें आगे बढ़ाईं, पर जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग मानो कुम्भकर्णी नींद में सो रहा है।
ग्रामीणों की मांग—तुरंत सड़क निर्माण शुरू हो
खराब सड़क की वजह से ग्रामीणों को दूसरे गांवों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। समय और ईंधन दोनों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू करवाने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से रोष
राशमी–कपासन विधानसभा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विधायक अर्जुनलाल जीनगर की उदासीनता के चलते कई सड़कों की हालत खराब पड़ी है। ग्रामीणों ने कई बार समस्याएं बताईं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्र में भारी रोष बना हुआ है।
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