अगले वर्ष से सरकारी स्कूलों में सत्र अप्रैल से शुरू करने की तैयारी, संसाधनों की कमी बनी बड़ी चुनौती
डीएस सेवन न्यूज़ प्रदेश सरकार अगले वर्ष से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र अप्रैल में शुरू करने की तैयारी कर रही है। सरकार का मानना है कि प्राइवेट स्कूलों की तरह यह व्यवस्था लागू होने से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ सकता है। हालांकि, वर्तमान स्थिति सरकारी स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रदेश में 1.20 लाख से अधिक शिक्षक एवं कार्मिक पद खाली हैं, जिनमें अकेले उदयपुर में करीब साढ़े पाँच हजार पद रिक्त हैं। इसके चलते नियमित शिक्षण के साथ शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का अत्यधिक दबाव बना रहता है।
ऐसे में जुलाई से अप्रैल सत्र परिवर्तन नामांकन बढ़ाने का कदम तो हो सकता है, लेकिन मौजूदा संसाधनों के चलते शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। सरकार और विभाग को स्थिति को गंभीरता से संभालने की जरूरत है।
इधर बुधवार को शिक्षा सचिव ने वीसी लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 अप्रैल को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के हाथों में किताबें पहुंच जानी चाहिए। वर्तमान में अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, जो 1 दिसंबर को संपन्न होंगी। इस बार 1 जुलाई से अब तक वास्तविक शिक्षण केवल 95 से 100 दिन ही हो पाया। बोर्ड कक्षाओं में सिलेबस अधूरा है, जबकि कक्षा 6, 7, 9 और 11 में भी केवल 50 से 60 प्रतिशत तक ही पाठ्यक्रम पूरा हो सका है।
शिक्षक नेता शेरसिंह चौहान का कहना है कि अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी के बीच शिक्षकों पर सिलेबस तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में स्टाफ की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
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