चित्तौड़गढ़ में होमगार्ड भूमि विवाद गहराया, नगर परिषद और विभाग आमने-सामने
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ शहर में गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र की जमीन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र परिसर में बन रही चारदीवारी को लेकर नगर परिषद और होमगार्ड विभाग के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया है।
नगर परिषद ने निर्माणाधीन चारदीवारी को अतिक्रमण बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद परिषद के आयुक्त अपनी टीम, जेसीबी और पुलिस बल के साथ कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे। जैसे ही तोड़फोड़ की तैयारी शुरू हुई, होमगार्ड के जवान विरोध में उतर आए और कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
मौके पर स्थिति तनावपूर्ण होने पर प्रशासन सक्रिय हुआ। तहसीलदार विपिन चौधरी, सदर थाना अधिकारी प्रेमसिंह और शहर कोतवाल तुलसीराम प्रजापत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान होमगार्ड कमांडेंट रविसिंह ने विभाग की ओर से संबंधित दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश किए और निर्माण को वैध बताया।
रविसिंह के अनुसार यह भूमि वर्ष 2013 में विधिवत रूप से गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र को आवंटित की गई थी। उस समय सीमांकन कर भूमि चिन्हित की गई थी। बाद में वर्ष 2021 में डीजीपीएस सर्वे के माध्यम से सीमा का पुनः निर्धारण किया गया और तारबंदी भी करवाई गई थी। वर्तमान में जो चारदीवारी बनाई जा रही है, वह राजस्थान पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत करीब 80 लाख रुपए की लागत से हो रही है और इसका अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
कमांडेंट ने यह भी कहा कि विभाग ने किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया है और पूरी जमीन सरकारी है। उन्होंने नगर परिषद पर आरोप लगाया कि परिषद द्वारा बनाए गए नाले का कुछ हिस्सा प्रशिक्षण केंद्र की जमीन में आता है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। हाल ही में नाले के पानी का प्रवाह बाधित होने से आसपास पानी भरने की समस्या भी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि कुल 1.56 हेक्टेयर भूमि प्रशिक्षण केंद्र को आवंटित है, जिसमें से कुछ हिस्सा रिजर्व पुलिस लाइन की सीमा में चला गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जमीन वापस दिलाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि भूमि कम होती है तो प्रशिक्षण कार्य प्रभावित होगा।
फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है और मौके पर पुलिस बल तैनात है। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी ने दोनों पक्षों के अधिकारियों को चर्चा के लिए बुलाया है। प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं।
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