ओगणा थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई: अवैध संबंध के शक में बड़े भाई की हत्या करने वाला छोटा भाई गिरफ्तार
डीएस सेवन न्यूज़ उदयपुर। ओगणा थाना क्षेत्र में पारिवारिक तनाव एक दर्दनाक घटना में बदल गया, जहां शराब के नशे और शक ने दो भाइयों के बीच ऐसा विवाद खड़ा किया कि बड़े भाई की जान चली गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से जांच आगे बढ़ाई और आरोपी छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई पुलिस टीम की सतर्कता और चुस्ती का उदाहरण मानी जा रही है।
घटना की शुरुआत 23 नवम्बर की रात हुई। प्रार्थीया रूपली बाई पत्नी रता निवासी लोरो का वास ने 25 नवम्बर को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 11 बजे उसके पति रता और देवर हिरा घर के पास बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बातों-बातों में हिरा को संदेह होने लगा कि उसके बड़े भाई रता के उसकी पत्नी से अवैध संबंध हैं। यह शक इतना हावी हो गया कि बहस मिनटों में झगड़े में बदल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाद बढ़ता देख हिरा गुस्से में बेकाबू हो गया और उसने लाठी उठाकर रता की पीठ पर जोरदार वार कर दिया। अचानक हुए हमले से रता जमीन पर गिर पड़ा। शोर सुनकर रूपली बाई, उसकी सास केसरी, जवाई लालू और सोहन मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को अलग किया। परिवार के सदस्यों ने रता को समझाया कि उसे तुरंत अस्पताल जाकर उपचार करवाना चाहिए, लेकिन उसने दर्द सहते हुए भी इलाज से इंकार कर दिया।
अगले ही दिन 24 नवम्बर की शाम होते-होते उसकी स्थिति बिगड़ गई और करीब 7–8 बजे चोटों की गंभीरता के कारण उसकी मौत हो गई। परिवार के लिए यह घटना एक गहरी त्रासदी बन गई, जबकि पूरा गांव सदमे में आ गया। पुलिस ने मामले को अपराध की श्रेणी में लेते हुए प्रकरण संख्या 154/25 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता 2023 में मुकदमा दर्ज किया।
जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर श्री योगेश गोयल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरोपी की तलाश तेज करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा श्रीमती अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी झाड़ोल श्री विवेक सिंह राव के सुपरविजन में थानाधिकारी ओगणा श्री रामावतार मीणा ने विशेष टीम गठित की।
टीम ने इलाके में लगातार सर्च अभियान चलाया। सूचना मिली कि आरोपी हिरा पुत्र नाना लोरी का वास के जंगल की पहाड़ी में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 25 नवम्बर को उसे डिटेन किया। पूछताछ में हिरा ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि शक और गुस्से में उसने अपने ही भाई पर हमला किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लाठी भी बरामद कर ली।
आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पीसी रिमांड पर लिया गया। आवश्यक अनुसंधान के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थानाधिकारी श्री रामावतार, एएसआई शंकर लाल, कांस्टेबल महेश कुमार, हिम्मतराम और गणपत सिंह शामिल रहे।
ओगणा पुलिस की तत्परता से यह गंभीर मामला तेजी से सुलझ गया और आरोपी को कानून के हवाले किया जा सका।
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