बेगूं थाना पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई—स्कॉर्पियो में भरा 462 किलो डोडाचूरा, तस्कर जंगल में छोड़ भागे
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़, 17 नवम्बर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने जिस मुहिम को तेज किया हुआ है, उसका बड़ा नतीजा रविवार देर रात देखने को मिला। बेगूं थाना पुलिस की टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक ऐसी स्कॉर्पियो को पकड़ा, जिसमें 23 कट्टों में छुपाकर 462.700 किलो अवैध अफीम डोडाचूरा भरा हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि गाड़ी में डैशबोर्ड के अंदर 12 बोर के 6 जिंदा कारतूस भी रखे मिले। दोनों आरोपी ड्राइवर और उसका साथी घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन पुलिस की यह कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
अवैध तस्करी पर पुलिस की निगाहें पहले से ही थीं तेज
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने हाल ही में जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी स्तर पर हो, उसे हर हाल में रोकना है। इसी निर्देश के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हिगड़ और डीएसपी बेगूं अंजलि सिंह लगातार टीमों को मॉनिटर कर रहे थे।
इसी निगरानी के बीच बेगूं थाना अधिकारी शिवलाल मीणा और उनकी टीम रविवार शाम हाईवे पर नाकाबंदी कर रही थी। हाईवे पर वाहनों की चेकिंग सामान्य लग रही थी, लेकिन टीम को अंदेशा था कि तस्कर लंबे रूट का फायदा उठाकर निकलने की कोशिश कर सकते हैं।
हाईवे पर अचानक तेज रफ्तार से आई स्कॉर्पियो, पुलिस ने संकेत दिया—पर प्रतिक्रिया उलटी मिली
नाकाबंदी के दौरान अचानक काठमंडा मोड़ की तरफ से एक स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में आती दिखी। पुलिस ने हाथ से रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने गाड़ी और तेज कर दी।
यह हरकत टीम को साफ बता रही थी कि गाड़ी में कुछ बड़ा छुपा हुआ है।
इसके बाद पुलिस की टीम हरकत में आई और पीछा शुरू कर दिया। स्टॉप स्टिक का इस्तेमाल कर स्कॉर्पियो के आगे के टायर को पंक्चर कर दिया गया। वाहन लड़खड़ाया, लेकिन चालक रुका नहीं। वह गाड़ी को घुमाकर फिर से हाईवे की ओर लेकर भागा।
500 मीटर तक पीछा, फिर गाड़ी जंगल के किनारे छोड़ी—तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
करीब आधा किलोमीटर पीछा करने के बाद स्कॉर्पियो अचानक हाईवे पर ही छोड़ दी गई। दोनों सवार सड़क किनारे मौजूद घने जंगल की ओर भाग गए।
एएसआई गीतालाल, कांस्टेबल ललित सिंह, विजय सिंह, जगदीप, राधेश्याम, सीताराम, कमलेश और मनोहर ने काफी देर तक दोनों की तलाश की, लेकिन अंधेरा और जंगल की घनी झाड़ियां उनके लिए ढाल बन गईं।
गाड़ी की तलाशी में सामने आया तस्करी का बड़ा नेटवर्क
जब टीम ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली, तो नजारा चौंकाने वाला था—
23 कट्टों में कसा हुआ 462 किलो 700 ग्राम अवैध डोडाचूरा।
साथ ही गाड़ी के डैशबोर्ड में छुपे हुए 6 जिंदा कारतूस भी मिले।
यह साफ संकेत था कि तस्कर न सिर्फ नशे का कारोबार कर रहे थे, बल्कि हथियारों के जरिए कोई बड़ा जोखिम भी लेने को तैयार थे।
पुलिस ने मौके पर ही पूरी खेप को जब्त किया और स्कॉर्पियो को थाने भिजवाया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह डोडाचूरा किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो हाईवे के रास्ते राजस्थान के कई जिलों में सप्लाई करता है।
एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज, तस्करों की पहचान की कोशिश तेज
बेगूं थाना पुलिस ने अज्ञात चालक और उसके साथी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर दिया है।
तस्करों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरा रैकेट सामने लाया जाएगा।
इस कार्रवाई से पुलिस की सख्ती का साफ संदेश
इस पूरी घटना ने जिले में एक बार फिर यह संदेश दिया है कि पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाईवे की नाकाबंदी, सतर्क टीम और त्वरित पीछा—इन तीनों ने मिलकर एक बड़े सप्लाई चेन को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
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